कीवर्ड्स क्या होते हैं(What is a keyword?)
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| Keywords in SEO |
जब भी आप अपनी एक वेबसाइट बनाते हो - आपका कुछ ना कुछ मोटिवेशन होता है अगर आप एक ब्लॉग बना रहे हो तो आप चाहते हो कि ज्यादा से ज्यादा लोग उस ब्लॉग पर आएं और आपकी वेबसाइट पर विजिट करें! पढ़े आपका ब्लॉग कंटेंट से कुछ सीखने को मिले फिर आपकी ऐड्स चले तो आपको रेवेन्यू जनरेट हो!
वैसे ही अगर आपकी एक बिजनेस वेबसाइट है तो आप चाहेंगे कि लोग आएं, आपको फिर कांटेक्ट करें, आपके लीड फॉर्म फिल करें और फाइनली आपके कस्टमर बने! आपकी अगर एक ऑनलाइन शॉपिंग साइट है तो आप चाहेंगे कि लोग आए आपके प्रोडक्ट्स एक्सप्लोर करें, प्रोडक्ट्स को अपनी कार्ट(cart) में ऐड(add)करें और फिर वहां से जो है परचेसिंग करें -
तो अब कीवर्ड्स(keywords) क्या होते हैं तो कीवर्ड(keyword) का मतलब होता है कि जब भी आप एक वेबसाइट बना रहे हैं या आपकी एक वेबसाइट है तो वो कौन से वर्ड्स(words) हैं, वो कौन से फ्रेजस(phrases)हैं जिस पर आप चाहोगे कि जब भी कोई पर्सन गूगल पर ये वर्ड्स डाले ये पर्टिकुलर फ्रांसेस डाले तो आपकी वेबसाइट वहा पर रैंक करे तो वो जो वर्ड्स होंगे उन्हें ही हम कहते हैं कीवर्ड्स(keywords)!
तो जब भी हम एक बिजनेस के लिए, हम एक वेबसाइट के लिए, कीवर्ड रिसर्च(Research) करते हैं हम - ये ढूंढते हैं कौन से अच्छे कीवर्ड्स हैं तो सबसे पहले हमें यही ध्यान रखना है कि ऐसे कीवर्ड्स हो जो कि हमारे बिजनेस से रिलेटेड हो!
जैसे आपका बिजनेस है या आपकी वेबसाइट है डिजिटल मार्केटिंग से रिलेटेड तो क्या कभी आप चाहोगे कि कोई पर्सन अगर सर्च(search) कर रहा है वेब डेवलपमेंट तो आपकी वेबसाइट उसे दिखे - ऑफकोर्स नहीं अगर मान लो वहां दिख भी जाती है तो भी वो पर्सन क्लिक नहीं करेगा - अगर मान लो क्लिक भी कर लिया है तो वो कन्वर्ट(convert) नहीं होगा उस कंटेंट में इंटरेस्टेड नहीं होगा क्योंकि उसने जो कीवर्ड टाइप किया है और आपकी जो वेबसाइट पर कंटेंट है आपके जो वेब पेज पर कंटेंट है वो अलग-अलग है तो इसीलिए हमें कीवर्ड्स का बहुत ध्यान रखना है!
(Keywords are the terms and phrases associated with your business, that people use when entering a query into search engines to find your website.)
तो कीवर्ड्स जो कि आपके बिजनेस से आपकी वेबसाइट से एसोसिएटेड है आपकी वेबसाइट से रिलेटेड है और जो लोग सर्च कर रहे हैं सर्च इंजन पर आपके बिजनेस को आपकी वेबसाइट को ढूंढने के लिए !
जैसे मान लीजिए आपका बिजनेस है डिजिटल मार्केटिंग से रिलेटेड डिजिटल मार्केटिंग सर्विसेस आप देते हो और आपने एक कीवर्ड लिया डिजिटल मार्केटिंग इंस्टिट्यूट इन इंडिया - अब आपने सोचा ये तो मेरे बिजनेस से रिलेटेड है वेबसाइट से रिलेटेड है तो ये मेरे लिए कीवर्ड हो गया लेकिन जब आपने सर्च किया - जब आपने रिसर्च करी तो आपने देखा कि इस कीवर्ड को कोई सर्च करही नहीं रहा है लोग तो सर्च कर रहे हैं डिजिटल मार्केटिंग कोर्सेस, डिजिटल मार्केटिंग ट्रेनिंग; डिजिटल मार्केटिंग इंस्टिट्यूट इन इंडिया कोई भी सर्च नहीं कर रहा तो डिजिटल मार्केटिंग इंस्टिट्यूट इन इंडिया आपके लिए सही कीवर्ड नहीं है तो कीवर्ड अगर आपको सेलेक्ट करना है तो पहली चीज आपके बिजनेस से रिलेटेड होना चाहिए आपकी वेबसाइट से रिलेटेड होना चाहिए आपके कंटेंट से रिलेटेड होना चाहिए और दूसरी चीज जो लोग सर्च कर रहे हैं कम से कम एक परसन(person) भी सालों में कभी सर्च किया है - उसने उस कीवर्ड को तो उसे हम कहेंगे आपका कीवर्ड!



जैसे मान लीजिए मैं google पर सर्च किया clip on underwater camera के ऊपर इतने रिजल्ट्स आपको देखने को मिले हैं 0.24 सेकंड्स के अंदर SERPs पर तो ये इतने रिजल्ट हमें दिखे हैं!

और यहां पर लास्ट में आप देखोगे तो ये भी आप अगर सर्च करना चाहो तो यहां से आप सर्च कर सकते हो! तो ये जो मैंने वर्ड(word) डाला इसे मैंने बोला कीवर्ड!
क्या आज कीवर्ड सचमुच मायने रखते हैं?(Do keywords Really Matter Today?) -
कुछ एसओ एक्सपर्ट्स का यह कहना है कि आज के टाइम में कीवर्ड्स इतना इंपॉर्टेंट रोल प्ले नहीं करते हैं! अगर आप कीवर्ड्स नहीं भी यूज़ कर रहे हो तो भी आपकी वेबसाइट रैंक हो जाएगी - तो इसके लिए सबसे पहले आप सर्च इंजन की वर्किंग को देखिये - सर्च इंजन की वर्किंग तीन पार्ट्स में डिवाइडेड होती है वन इज अ क्रॉ इंग सेकंड इज इंडेक्सिंग एंड थर्ड इज रैंकिंग तो क्रॉ इंग करने के बाद में जब हमारा पेज क्रॉल हो जाता है -

सर्च इंजन के क्रॉलर उसको रीड कर लेते हैं तो अब बारी आती है इंडेक्सेस की उसको कैटेगरीइजेशन(categorization for indexing) करने की - तो अगर हमारी वेबसाइट में हमारे बिजनेस से रिलेटेड हमारे प्रोडक्ट से रिलेटेड हमारी वेबसाइट से रिलेटेड अगर कीवर्ड्स नहीं होंगे - तो रियली डिफिकल्ट फॉर(for) सर्च इंजंस टू (to)कैटेगरइज(categories) आवर(our) वेबसाइट हमारी वेबसाइट को कैटेगरी इज(categories) करना हमारी वेबसाइट को "पर्टिकुलर कैटेगरी इंडेक्सिंग" में डालना बहुत मुश्किल हो जाएगा - तो इसीलिए कीवर्ड्स इंपॉर्टेंट हैं!
लेकिन अब बारी आती है क्या हम सिर्फ एक ही कीवर्ड को पकड़ लें और उसी को ही अपनी वेबसाइट में बार-बार पुट करें तो देखो यहां पर फिर एक और फिनोमिना लगता है जिसे हम कहते हैं इंटेंट कीवर्ड(Intent Keyword) कि कई बार अगर मान लो आपने स्पेसिफिक कीवर्ड भी अपनी वेबसाइट में नहीं लगाया है और इंस्टेड आपने उसका एक अलग इंटेंशन वाला कीवर्ड लगाया है तो भी आपकी वेबसाइट रैंक हो सकती है - इंडेक्सिंग अच्छी हो सकती है ये भी पॉसिबिलिटी है!
जैसे अगर आपका एक बिजनेस है अ ओल्ड कार्स(old cars) का बिजनेस है - आप ओल्ड कार्स खरीद और बिक्री(purchase and sale) करते हैं - वहीं अगर आपने ओल्ड कार नहीं यूज किया है और उसके जगह आपने यूज किया है सेकंड हैंड फोर व्हीलर्स(Second hand four wheelers)या फिर सेकंड हैंड कार्स(Second hand cars) ये वर्ड आपने यूज किया है या फिर आपने यूज्ड कार्स(used cars) यूज्ड व्हीकल(used wheelers) ये वर्ड यूज किया है तो उस केस में भी चांसेस हैं कि आपकी वेबसाइट जो है वो ओल्ड कार(old cars) पर रैंक कर जाए क्योंकि(Google's focus in on intent now)गूगल अब फोकस कर रहा है इंटेंशन पर , गूगल एक्सटैक्ट कीवर्ड्स को टारगेट नहीं कर रहा है बल्कि इंटेंशन पर फोकस कर रहा है!
जैसे मैं एक ब्राउज़र में इनकॉग्निटो मोड खोल लेती हूं और यहां पर चलिए मैं सेम एग्जांपल जो मैंने आपको बोला वो मैं टाइप करती हूं जैसे ओल्ड कार्स फॉर सेल (old cars for sale)ये मैंने कीवर्ड टाइप किया ठीक है अभी आप यहां पर देखिए, मैंने कीवर्ड क्या टाइप किया ओल्ड कार्स फॉर सेल (old cars for sale)लेकिन यहां पर जो हमारे रिजल्ट्स आ रहे हैं उसमें ओल्ड कार्स(old car) हो गया, उसके अलावा यूज्ड कार्ड्स (used car)भी हैं सेकंड हैंड कार्ड्स (second hand car)भी हैं - ऑर्गेनिक रिजल्ट्स दिख रहे हैं तो ऑर्गेनिक रिजल्ट्स में मैंने क्या सर्च किया ओल्ड कार्ड्स फॉर सेल(old cars for sale) और यहां पर क्या आ रहा है देखो सेकंड हैंड कार्ड्स फॉर सेल इन दिल्ली(second hand cars for sale in delhi) यानी एग्जैक्ट कीवर्ड(extact keyword) को टारगेट ना करते हुए यह देखो इवन(even) जो यह हाईलाइट हो रहा है यहां पर वर्ड(words) ये क्या हो रहा है, यूज्ड कार्स(used car) का - मैंने क्या कीवर्ड टाइप किया ओल्ड कार्स फॉर सेल (old cars for sale)तो - गूगल ने क्या किया की इंटेंशन(intension)को समझा और उस इंटेंशन के अकॉर्डिंग(According)जो बेस्ट वेबसाइट थी वो मुझे दिखाया! इसीलिए यस(yes) कीवर्ड्स मैटर करते हैं लेकिन आज के टाइम में इंटेंट कीवर्ड्स (Intent Keywords) की भी वैल्यू(values) बढ़ चुकी है- सिर्फ एक कीवर्ड पर स्टक ना रहिए मल्टीपल जो कीवर्ड्स हैं वो अपनी वेबसाइट में ऐड करने का ट्राई(try) कीजिए!
(कीवर्ड के प्रकार)Types Of Keywords-
1. General
2. Specific
मेजर टाइप्स ऑफ कीवर्ड की जिसमें जो सबसे इंपॉर्टेंट कीवर्ड्स हैं वो है जनरल एंड स्पेसिफिक कीवर्ड्स ठीक है कि क्या होते हैं जनरल कीवर्ड्स क्या होते हैं स्पेसिफिक कीवर्ड दोनों में से कौन से यूज करने चाहिए!
अब देखिए जो हमारे जनरल कीवर्ड्स हैं उनको आपने कई बार नाम सुना होगा शॉर्ट टेल कीवर्ड (Short Tail Keywords)से
जो स्पेसिफिक कीवर्ड्स हैं उनको आपने सुना होगा लॉन्ग टेल कीवर्ड (Long Tail Keywords)से
कई लोग जनरल कीवर्ड्स को शॉर्ट टेल भी बोलते हैं स्पेसिफिक कीवर्ड्स को लॉन्ग टर्म भी बोलते हैं अब इसका मतलब समझते हैं तो देखिए शॉर्ट टेल कीवर्ड यानी वो कीवर्ड जो बहुत ही छोटा कीवर्ड है !
जैसे अब मैं यहां पर एक एग्जांपल लेती हूं लेट्स से -
जैसे मैंने गूगल पर एक कीवर्ड टाइप किया marketing- अब यहाँ पर मुझे आप बताये की मेरा जो इंटेंशन है वो क्या है?
-क्या मेरा इंटेंशन कोर्स करने का है?
-क्या मेरा इंटेंशन डिजिटल मार्केटिंग करने का है?
-क्या मेरा जो इंटेंशन है वो मार्केटिंग सर्विसेस लेने का है?
-क्या मेरा इंटेंशन जो है वो मार्केटिंग का मीनिंग जानने का है?
कुछ भी क्लियर नहीं है तो जब भी यूजर क्या पूछना चाह रहा है उसका जो क्वेरी (Query)है उसके जो कीवर्ड्स हैं उससे स्पेसिफिकली पता नहीं चल पा रहा है कि - किस तरह के रिजल्ट्स यहां पर हम दिखाएं हमारे यूजर को -तब मतलब वो कौन से कीवर्ड यूज कर रहा है जनरल कीवर्ड यानी शॉर्ट टेल कीवर्ड - तो मार्केटिंग क्या हो गया एक शॉर्ट टेल कीवर्ड हो गया!
वहीं उसी जगह पर अगर कोई पर्सन गूगल पर टाइप करता है (marketing agency in Delhi) तो यहाँ उसको सर्विसेज चाहिए - उसके जो कीवर्ड्स हैं उससे स्पेसिफिकली पता चल पा रहा ! तो मतलब उसकी क्वेरी(query) स्पेसिफिक हो गई- मतलब वो कैसा कीवर्ड है एक स्पेसिफिक कीवर्ड या फिर हम इसको कहते हैं लॉन्ग टेल कीवर्ड(Log tail keywords) क्योंकि मोस्टली जो स्पेसिफिक कीवर्ड्स होते हैं उसके अंदर दो या दो से ज्यादा वर्ड्स(words) यूज़ किए जाते हैं तो इसीलिए इसको लॉन्ग टेल कीवर्ड भी बोलते हैं और जो जनरल कीवर्ड्स होते हैं वो कंपेरटिवली छोटे होते हैं क्योंकि इंटेंशन क्लियर नहीं कर रहे तो इसलिए उनको शॉर्ट टेल कीवर्ड भी बोलते हैं!
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Short & Long Keywords
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जैसे-जैसे आपका कीवर्ड जनरल कीवर्ड से स्पेसिफिक(Specific) होता जाएगा या फिर मैं कहूं शॉर्ट टेल से लॉन्ग टेल होता जाएगा वैसे-वैसे हमारा जो वॉल्यूम(Volume) है वो कम होता जाएगा क्योंकि मार्केटिंग(Marketing) सर्च करने वाले लोग बहुत ज्यादा हैं अगर कोई
डिटल मार्केटिंग एजेंसी(Digital marketing agency) सर्च कर रहा है
डिटल मार्केटिंग कोर्स (Digital marketing course)सर्च कर रहा है
मार्केटिंग एजेंसी(marketing agency)सर्च कर रहा है सब में मार्केटिंग (Marketing)आ रहा है
तो मार्केटिंग(Marketing) सर्च करने वाले लोग ज्यादा हैं लेकिन डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी इन दिल्ली फॉर ई-कॉमर्स (Digital marketing agency in delhi for e-commerce)यह सर्च करने वाले लोग कम है तो जैसे-जैसे कीवर्ड(keyword) आपका उसमें वर्ड्स(words)बढ़ते जाएंगे स्पेसिफिक होता जाएगा आपका वॉल्यूम जो है वो कम होता जाएगा! इस गये पता चल रहा है-
वॉल्यूम कम होगा भले ही (Low Monthly Search Volume)
लेकिन कंपटीशन भी कम होता जाएगा (Low Competitors)
और जब कंपटीशन कम होता है
तो हमारी कन्वर्जन रेट बढ़ती है (High Conversion Rate)
कन्वर्जन रेट का मतलब होता है जितने लोग हमारे पोटेंशियल कस्टमर बन सकते थे उनमें से कितने बने !दैट वुड बी आवर कन्वर्जन (That would be our conversion.)तो कन्वर्जन ज्यादा हो जाएगा क्योंकि कंपटीशन कम है तो देखो जब भी शॉर्ट टेल कीवर्ड आप ले रहे हो आपको वॉल्यूम अच्छा मिलेगा लेकिन वॉल्यूम का मतलब होता है ऑन एन एवरेज - एक महीने में कितने लोग सर्च कर रहे हैं इस कीवर्ड को उसे हम कहते हैं वॉल्यूम - तो वॉल्यूम जो है वो कम होता जाएगा जितना स्पेसिफिक आप अपने कीवर्ड को करते जाओगे और जितना ज्यादा आप स्पेसिफिक करोगे उससे कंपटीशन भी कम होता जाएगा, जिससे कि आपका कन्वर्जन रेट बढ़ेगा तो ये है हमारा जनरल कीवर्ड्स एंड स्पेसिफिक कीवर्ड तो इसको लोग शॉर्ट टेल एंड लॉन्ग टेल कीवर्ड के नाम से भी जानते हैं-
लेकिन कई लोग इसको ऐसे डेफिनेशन बोलते हैं कि शॉर्ट टेल कीवर्ड का मतलब होता है जिसमें तीन से कम वर्ड्स होते हैं और लॉन्ग टेल कीवर्ड का मतलब होता है जिसमें तीन से ज्यादा वर्ड्स होते हैं बट नहीं ऐसा हमें डेफिनेशन नहीं देना है ये बहुत ही अनप्रोफेशनल कह सकते हो -
आपको हमेशा यही डेफिनेशन देनी है शॉर्ट टेल कीवर्ड्स मतलब वो कीवर्ड जो एक जनरल क्वेरी(query) के लिए किए जाते हैं यहां पर एक पर्सन(person) ने मार्केटिंग (marketing)सर्च किया तो वी डोंट नो(We don't know) उसका इंटेंशन क्या है
वो मार्केटिंग कोस चाहता है
मार्केटिंग एजेंसी चाहता है
मार्केटिंग सर्विसेस चाहता है
वी डू नॉट(We don't know)लेकिन स्पेसिफिक कीवर्ड्स मतलब लॉन्ग टेल कीवर्ड्स यहां पर एक यूजर की क्वेरी(query)जो होती है वो बहुत ही स्पेसिफिक होती है कि उसे क्या चाहिए कौन सा पेज चाहिए एंड सो ऑन (And so on)- तो ये होता है हमारा जनरल एंड(and)स्पेसिफिक कीवर्ड्स अब मोस्टली हम जो अपनी वेबसाइट्स के लिए यूज करते हैं वो हम स्पेसिफिक कीवर्ड्स ही यूज करते हैं!
Should We Use Navigational Keywords?(क्या हमें नेविगेशनल कीवर्ड्स का इस्तेमाल करना चाहिए?)
नेविगेशन कीवर्ड की सबसे पहले समझेंगे नेविगेशन कीवर्ड आखिर होता क्या है और देन(Then) हम बात करेंगे कि क्या हमें नेविगेशन कीवर्ड अपनी वेबसाइट में यूज करना चाहिए या फिर नहीं तो सबसे पहले नेवीगेशनल कीवर्ड होता क्या है तो जैसा कि नाम से ही यहां पे पता चल रहा है वो कीवर्ड जो कि किसी पर्टिकुलर वेबसाइट या पर्टिकुलर डेस्टिनेशन की तरफ नेविगेट कर रहा है!
(Navigational Keywords direct users to particular websites or destinations and are characterized by clear user intent.)
अगर एक पर्सन सर्च करता है गूगल पर "Woman shoes Amazon" तो उसका इंटेंशन क्या है - उसे क्या आपकी वेबसाइट से purchase करना है या उसे क्या चाहिए , उसे woman shoes चाहिए लेकिन उसने specify किया है की उन्हें कौन सी वेबसाइट से चेहिये Amazon website से चाहिए - जब users अपने keywords के under clearly mention करे की उसे कौन से वेबसाइट के ऊपर जाना है!
या कौन सी वेबसाइट को उसे दिखाया जाए प्रायोरिटी पर तो उन कीवर्ड्स को हम कहते हैं नेविगेशन कीवर्ड यानी यूजर का डायरेक्शन(direction) जहां फिक्स (fixed)है -
अब जैसे - एक पर्सन टाइप करता है कि "cyper security in prilient" ये keyword गूगल सर्च Results पर 8th नंबर पर आ रहा था इस कीवर्ड के ऊपर लेट्स सपोज ऐसा तो आएगा नहीं, बट लेट्स सपोज आ था तो वो पर्सन क्या करेगा फर्स्ट- सेकंड पर क्लिक करेगा या फिर 8th नंबर पर जाकर क्लिक करेगा तो ऑफ कोर्स 99.99% चांसेस यही है कि वो पर्सन prilient ढूंढेगा और वहां पर जाकर उसको क्लिक करेगा भले ही वो 8th नंबर पे आ रहा था क्योंकि उसने अपने इंटेंशन में ही क्लियर कर दिया कि उसे कहां जाना है prilient पर जाना है - तो ये चीज पे वेबसाइट दिखती है वो हमारी वही वेबसाइट होती है जो कि यूजर ने मांगी है भले ही और कीवर्ड्स पर वो वेबसाइट 100 नंबर पर या 90th नंबर पर या 10थ नंबर पर रैंक कर रही है उससे फर्क नहीं पड़ता लेकिन अगर यूजर ने क्लियर बोला है कि मुझे इस वाली वेबसाइट पर जाना है तो prilient - तो यहां पर आप देखोगे!
नेविगेशन कीवर्ड किसी और कंपनी का ब्रांड नेम क्या यूज करना चाहिए तो देखिए इसका जवाब है नहीं यू शुड नेवर यूज अनदर कंपनीज नेम भले ही वो लोग सर्च कर रहे हो चाहे नहीं कर रहे हो उस पर वॉल्यूम अच्छा हो बट फिर भी आपको यूज़ नहीं करना है क्योंकि उससे कुछ फायदा नहीं होगा आपको क्योंकि चाहे आपकी वेबसाइट टॉप पर हो चाहे 100 पे हो उससे फर्क नहीं पड़ता तो नेवर यूज नेविगेशन कीवर्ड फॉर योर वेबसाइट अब यहां पर सवाल आता है कि हमारी जो खुद का नेम है क्या हम वो यूज़ कर सकते हैं तो ऑफ कोर्स यू शुड यूज इट आप तो करते ही है जब वेबसाइट बनाते हो तो अपनी वेबसाइट का नाम तो डालोगे ही ना अपनी वेबसाइट में तो वो तो बट ओबवियस है उसमें कुछ आपको स्टफिंग नहीं करनी है लेकिन आपका नाम आएगा और उसमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन किसी और कंपनी का नाम कभी भी आपको अपने वेबसाइट में यूज नहीं करना है यह हो सकता है आपको स्पैम भी आप आपके ऊपर लग जाए!
Avoid using another company's name for your website
Keywords On Basis of Intent(इरादे के आधार पर कीवर्ड)
किस इंटेंशन के साथ में एक पर्सन कोई भी कीवर्ड गूगल पर put करता है उन intension को हम देखेंगे और साथ में ये भी देखेंगे कि इनमें से कौन सा keywords जो है हम अपनी किस websites के लिए use कर सकते है? -
intention के base पर चार types के कीवर्ड्स होते है?
Informational - Like "What" are tennis shoes?
Navigational -like Nike showrooms in "New York"
Commercial - Like Which is the "best" brand for tennis shoes?
Transactional - Like "Buy" nike tennis shoes
तो सबसे पहला इंफॉर्मेशन कीवर्ड(informational Keyword) जैसे कि नाम से ही पता चल रहा है यह वो कीवर्ड्स हैं जहां पर यूजर एक इंफॉर्मेशन लेने के लिए - अब इंफॉर्मेशन यहां पर कोई बिजनेस से रिलेटेड या प्रोडक्ट से रिलेटेड नहीं बल्कि एक जनरल इंफॉर्मेशन लेने के लिए जब कोई पर्सन कीवर्ड टाइप करता है तो उसे हम बोलते हैं इंफॉर्मेशन कीवर्ड -
अब जैसे मान लो किसी पर्सन ने टाइप किया (What is the height of mount everest)व्हाट इज द हाइट ऑफ माउंट एवरेस्ट किसी ने टाइप किया, किसी ने टाइप किया(Chocolate cake recipe)अ चॉकलेट केक रेसिपी , किसी ने जैसे यहां पे एग्जांपल लिखा हुआ है कि (what are tennis shoes)व्हाट आर टेनिस शूज, (what are tennis shoes like) व्हाट आर टेनिस शूज लाइक - तो इन कीवर्ड्स में -
उसे कुछ खरीदना नहीं है
उसे कुछ सर्विस नहीं चाहिए
उसे कुछ ट्रेनिंग नहीं चाहिए
उसको कुछ कोर्स नहीं चाहिए
बल्कि वो एक जनरल क्वेरी(query) कर रहा है तो इंफॉर्मेशन कीवर्ड्स के केस में मोस्टली जो वेबसाइट रैंक होती हैं जो website गूगल देखता है यूजर को वो blogging websites देखता है-
तो यहाँ पर clear हो गयी की -
अगर आपका एक business website है
अगर आपका एक service based website है
अगर आपकी एक Ecommerce बेस्ड वेबसाइट है
तो आप informational keywords पर rank नहीं करोगे तो इसलिए एकबार के लिए commercial website के लिए इंफॉर्मेशन कीवर्ड्स को टच नहीं करेंगे !
नेविगेशन कीवर्ड(Navigational keywords) वो कीवर्ड जहां पर यूजर का इंटेंट फिक्स है यूजर को पता है कि उसे कौन सी साइट पर जाना है उसे पता है किस लोकेशन पर जाना है-
जैसे कि एग्जांपल है कि - Nike showrooms in "New York"पहला यहाँ पर ये clear होगया की उसे New York के अंदर nike showrooms चाहिए चाहें कोई और भी brands हो वो रैंक कर रहा हो लेकिन यहाँ पर user ने specify कर दिया है की उसे nike के results चाहिए , नाइके showrooms देखिये , nike websites देखिये तो यहाँ पर nike की ही websites देखेगी भरे ही आपकी websites वैसे ही रैंक कर रही हो -
कमर्शियल(Commercial keywords) यह थोड़ा सा business से related होता है लेकिन यहां पर एक person अभी re-search कर रहा है अभी वो find-out कर रहा है की उसे कौन से shoes लेने चाहिए , कौन से better होते है, दो brands में comparision हो गया तो ये commercial keywords हो गए -
ट्रांजैक्शन(Transactional keywords)मतलब उसे पता है की उसको कुछ पर्टिकुलर प्रोडक्ट(particular products) चाहिए और उसे वो खरीदना है और वो इसी तरह के कीवर्ड्स टाइप करेगा-
वैसे ट्रांजैक्शन और कमर्शियल में ज्यादा डिफरेंस नहीं होता है दोनों ही तरह के जो कीवर्ड्स होते हैं वो बिजनेस रिलेटेड, प्रोडक्ट रिलेटेड ,सर्विस रिलेटेड होते हैं बट(but) ट्रांजैक्शनल को आप ऐसे differentiate कर सकते हो ट्रांजैक्शन के अंदर "Buy,get,book,visit" इस तरह के जो words है वो used किये जाते है - जिससे कि हमें पता चल जाता है कि ये ट्रांजैक्शन कीवर्ड है तो अगर आपकी एक बिजनेस वेबसाइट है सर्विस बेस्ड वेबसाइट है तो कमर्शियल एंड ट्रांजैक्शनल कीवर्ड जो है वो आपके काम के हैं लेकिन अगर आपकी एक ब्लॉगिंग वेबसाइट(blogging website) है तो आपके लिए इंफॉर्मेशन कीवर्ड्स काम के हैं-
एलएसआई कीवर्ड(LSI-Latent Semantic Indexing Keywords)-
LSI Keywords Conceptually related terms that search engines use to deeply understand the content on a webpage.
अब एलएसआई कीवर्ड का मतलब होता है लेटेंट सिमटिक इंडेक्सिंग कीवर्ड्स यानी वो कीवर्ड्स जो हमारे (Main Keywords)मेन कीवर्ड के साथ मिलके और कुछ ऐसी टर्म्स हम ऐड(Add) करके जिससे कि हम सर्च इंजन को यह बता पाए कि आखिर हमारा कंटेंट किस बारे में है- जैसे कि मान लो आपने कीवर्ड टाइप किया आईपीएल टिकट, आपने अगर ये कीवर्ड टाइप किया तो आईपीएल टिकट्स के साथ में आप क्या और चीजें ऐड(Add) कर सकते हो जैसे आईल टिकट प्राइसेस (IPL ticket Prices) तो अगर आपने अपनी वेबसाइट में ये मेंशन किया है आईल टिकट प्राइसेस -
तो गूगल को पता रहेगा की ये जो particular websites है ये IPL ticket के Prices के बारे में उसने blog लिखा हुआ है
लेट्स सपोज(Let's suppose) आपने कीवर्ड यूज किया है आईल टिकट वेबसाइट यानी वो वेबसाइट जो कि आईल टिकट बेच रही है तो यह भी एक एलएसआई कीवर्ड हो गया यानी वो कीवर्ड जो कि हमारे मेन कीवर्ड(main keywords) से रिलेटेड है हमारे मेन कीवर्ड का ही एक मॉडिफाइड टर्म(modify terms) है और उनके साथ मिलके वह हमारे कंटेंट को और भी इन डेप्थ(deeps)बता रही है कि आखिर हमारा कंटेंट किस बारे में है तो एलएसआई कीवर्ड भी हम यूज करें- कहने का मतलब यह है कि सिर्फ और सिर्फ आपको शॉर्ट टेल्ट(short tail) या जनरल कीवर्ड (general keyword)यूज नहीं करने है बल्कि थोड़ा सा उसको स्पेसिफाई(specify) करना है और एलएसआई कीवर्ड्स यूज़ करने हैं वैसे जो सिनोनिम्स (Synonyms)होते हैं उनको भी हम एलएसआई कीवर्ड्स बोलते हैं जैसे कोई वर्ड(word) है उसका जो सिनोनिम्स(Synonyms) हो गया जैसे टिकट्स हो गया तो टिकट्स की जगह पास(pass) भी वर्ड यूज कर सकते हैं तो पास क्या हो गया हमारा एलएसआई कीवर्ड हो गया तो ये हो गया हमारा एलएसआई कीवर्ड !
इंफॉर्मेशन कीवर्ड और बिजनेस वेबसाइट को हम उसके कैसे यूज कर सकते हैं(How we use informational Keywords for Business Website?)
(informational Keywords)इमेशन कीवर्ड सबसे ज्यादा जो सर्च किए जाने वाले कीवर्ड्स हैं गूगल पर उनमे से है सबसे ज्यादा keywords जो used होते है गूगल पर वो informational keywords ही है -तो क्यों न हम अपनी websites के लिए इनको use करे , और अपनी जो business website है , अपनी बिज़नेस को grow करने के लिए use करे - वैसे तो इनफार्मेशन कीवर्ड्स ब्लॉग्गिंग वेबसाइट में use होते है लेकिन इसको हम अपनी वेब्सीटेस के लिए कैसे use करे - तो यहाँ पर हमे थोड़ा सा स्मार्टली खेलना पड़ेगा - इस टेक्नीक(technic) को हम कहते हैं वेब 2.0 (Web 2.0)
अब यहां पर आपको कंफ्यूज(confuse) नहीं होना है क्योंकि इस टॉपिक की भी हम ऑफ पेज(Off-page) में अच्छे से बात करेंगे लेकिन यहां पर आप थोड़ा सा समझिए चलिए एक केस स्टडी ही देख लेते हैं जिससे आपको अच्छे से क्लियर हो जाए कि मैं किस बारे में बात कर रही हूं जैसे कि यहां पर मैं अपनी वेबसाइट खोल लेती हूं!
अब देखिए ये हमारी वेबसाइट है और ये एक बिजनेस वेबसाइट है यानी हम जो सर्विसेस यहां पर देते हैं वो सारे लिस्टेड हैं सारे पेज बने हुए हैं आप लोगों को कोई कोई भी कोर्स वगैरह परचेस करना हो तो आप यहां पर आते हैं और परचेस करते हैं अब यहां पर देखिए हमें पता है कि यहां पर हम कमर्शियल या ट्रांजैक्शन कीवर्ड य यूज कर सकते हैं अपने बिजनेस से रिलेटेड बच हमारे निश में और इवन हर एक निश में जो है आपको काफी ज्यादा इंफॉर्मेशन कीवर्ड देखने को मिलेंगे - तो इसीलिए हमने क्या किया हमने यहां पर एक अपना अलग से ही एक सेक्शन बना रखा है मोर वाले सेक्शन में जाओगे तो आप ब्लॉग सेक्शन(blog section) यहां पर बना हुआ है यहां पर आप जाकर देखोगे तो यहां पर आपको काफी सारे ब्लॉग्स मिलेंगे अब ब्लॉग सेक्शन है तो अब इंफॉर्मेशन कीवर्ड्स को हमने कहां पर ड्राइव किया हमने ड्राइव किया हमारे ब्लॉग्स पर और हमारे हर एक ब्लॉग के ऊपर आप देखोगे जैसे कोई भी अगर आप हमारा ब्लॉग ओपन करोगे तो वहां पर आपको काफी सारे लिंक्स देखने को मिलेंगे यानी हर एक ब्लॉग पर हमारे जो मेन वेबसाइट है यानी हमारी जो बिजनेस वेबसाइट है उस पर डायरेक्ट करते हुए कुछ ना कुछ लिंक्स जा रहे हैं -
तो यह देखिए जैसे कि यह एक ब्लॉग है - अब इस ब्लॉग पर कोई भी पर्सन आता है और हमारे ब्लॉग को पढ़ता है तो यहां पर आप देखो काफी सारे हमने इस तरह से लिंक्स लगा रखे हैं जो कि आपको डायरेक्ट कर रहे हैं हमारे मेन जो हमारा कमर्शियल पेज है जो हमारा लैंडिंग पेज है जहां पर हम चाहते हैं कि लोग यहां पर आएं और एनरोल करें - बैच के लिए वहां पर हमने लिंक्स लगा रखे हैं - तो अब हमने इंफॉर्मेशन कीवर्ड्स को टारगेट किया है कहां हमारी ब्लॉग वाले पार्ट पर और यहां से हम लोगों को डायवर्ट कर रहे हैं कहां पर हमारे बिजनेस वाली पेजेस पर -
तो ये देखिए यही एक बहुत ही अच्छा तरीका है इंफॉर्मेशन कीवर्ड को अपने बिजनेस के लिए यूज़ करने का सबसे पहले अपने निश से रिलेटेड अपने फील्ड से रिलेटेड जिस तरह की सर्विसेस आप दे रहे हैं उससे रिलेटेड आप कुछ इंफॉर्मेशन कीवर्ड्स निकालिए -
उन इंफॉर्मेशन कीवर्ड्स पर कुछ अच्छे-अच्छे ब्लॉग्स लिखिए -
अब चाहे आप एक सब डोमेन क्रिएट कर सकते हैं
अपना एक नई वेबसाइट क्रिएट कर सकते हैं
एक नया फोल्डर क्रिएट कर सकते हैं
या फिर कुछ पेजेस भी आप क्रिएट कर सकते हैं
और कीवर्ड्स का यूज़ करके आप ब्लॉग्स लिखिए और उन ब्लॉग्स पर टारगेट कीजिए इंफॉर्मेशन कीवर्ड्स को - जब लोग आपके ब्लॉग्स पर आएंगे आपके इंफॉर्मेशन कीवर्ड के थ्रू आएंगे तो हो सकता है उनमें से कोई लोग जो हैं वो आपके बिजनेस में भी इंटरेस्टेड हो आपके प्रोडक्ट्स में भी इंटरेस्टेड हो और वहां से वो उस प्रोडक्ट को परचेज करने जाएं -
जैसे फॉर एग्जांपल अगर आपकी एक मेकअप की ऑनलाइन शॉपिंग साइट है तो ओबवियस सी बात है मेकअप में ट्रांजैक्शनल एंड कमर्शियल कीवर्ड्स ही आप यूज़ कर सकते हो तो आप इंफॉर्मेशन कीवर्ड - जैसे आप
मेकअप ट्यूटोरियल्स हो गए,
रिव्यूज हो गए,
किसी पर्टिकुलर डिफरेंस हो गए ,
दो प्रोडक्ट्स के बीच में
ऐसे आप ब्लॉग्स बना सकते हो और जब लोग वहां पे आएंगे तो वहां पर आप लिंक्स डाल सकते हो अपने प्रोडक्ट के - या अपने कैटे डिग्री पेजेस(category pages) के तो इस तरह से हम इंफॉर्मेशन कीवर्ड !
एकवचन और बहुवचन कीवर्ड(Singular And Plural Keywords)-
एकवचन और बहुवचन कीवर्ड क्या diffrence होता है ?
जैसे - अगर आपको एक कीवर्ड्स मिल रहा है car manufacturer और car manufacturers क्या दोनो में आपको फर्क रखना है यानि अगर मेरे को car manufacturers मिल रहा है क्या मै car manufacturers को use करो या फिर नहीं करो! -
तो इसके लिए एक काम करते हैं एक छोटा सा जल्दी से एक्सपेरिमेंट कर लेते हैं गूगल पर अब गूगल पर टाइप करेंगे - बुक ऑनलाइन इन इंडिया(Book online in India)और दूसरा टाइप करते है बुकस ऑनलाइन इन इंडिया(Books online in India)सेम कीवर्ड बट एक में मैंने एस(s) यूज किया एक में मैंने एस(s) यूज नहीं किया -अब यहां पर थोड़ा सा आप नोटिस कीजिएगा-
सबसे पहले रिजल्ट में डिफरेंस है -
यहां पर रिजल्ट देखिए और इस दूसरे में रिजल्ट देखिए तो यहां पर आप नोटिस करेंगे कि एगजैक्टली बुक्स ऑनलाइन इंडिया में हाफ जो कंपटीशन है वो कट हो गया है यानी बुक्स जब मैंने टाइप किया तो क्या हुआ कंपटीशन ऑलमोस्ट हाफ हो गया है और यहां पर मुझे रिजल्ट ज्यादा दिख रहे हैं यानी कंपटीशन कंपेरटिवली बढ़ गया है !
दूसरा रैंक में डिफरेंस है -
उसके अलावा अगर मैं यहां पर रैंकिंग की बात करूं तो सबसे पहले जो रैंक कर रहा है हमारा यहां पर पेज वोह है बुक्स वेगन(bookswagon.com) दूसरा है (amazon.in)-
तो यहां पर हमने एक चीज नोटिस करी कि यहां पर एस(s) और नॉन एस (s)के साथ में जब मैंने बुक को लिखा तो डिफरेंस आया तो इसीलिए हम इस चीज को डिनायर नहीं कर सकते कि आपको सिंगुलर की जगह प्लूरल कीवर्ड या प्लूरल की जगह सिंगुलर कीवर्ड यूज कर सकते हो या नहीं अगर आपको कीवर्ड रिसर्च के टाइम बुक्स वाले कीवर्ड पर अच्छी वॉल्यूम(Volume) मिल रही है तो आप बुक्स ही यूज कीजिए आपको वहां पर फिर बुक यूज करने की जरूरत नहीं है क्योंकि बुक यूज करोगे तो आपको कंपैरेटिव कुछ अलग रिजल्ट देखने को मिल सकते हैं तो ये एक छोटा सा डिफरेंस है-
बट थोड़ा सा भी इफेक्ट हमें कई बार रैंकिंग हमारी फर्स्ट से सेकंड सेकंड से 100 कर सकता है तो छोटी-छोटी चीजों को लेकर चलेंगे तभी हम अपनी वेब साइट की रैंकिंग जो है वो फर्स्ट पेज पर फर्स्ट रैंक पर सिक्योर कर पाएंगे
और बाकी जैसा मैंने आपको बताया कि सिर्फ और सिर्फ हमारी कीवर्ड्स ही नहीं होते रैंकिंग में बल्कि और भी कई फैक्टर्स कंसीडर किए जाते हैं तो लेकिन यह भी एक फैक्टर है तो छोटे-छोटे फैक्टर्स को मिला के ही हमारी वेबसाइट की रैंकिंग डिसाइड होगी !